What is paternity leave? Paternity leave rules in India - क्या है पैटर्निटी लीव ? पितृत्व अवकाश के नियम

What is paternity leave? Paternity leave rules in India - क्या है पैटर्निटी लीव ? पितृत्व अवकाश के नियम

आपने सुना होगा और देखा होगा की महिला कर्मचारियों को मैटर्निटी लीव का सभी विभागों में प्रावधान है। बच्चे के जन्म के दौरान यह छुट्टी महिला कर्मचारियों को दिया जाता है। तो क्या इस दौरान बच्चे के जन्म पर बच्चे के पिता को भी यह छुट्टी मिल सकती है? इस पर काफी लोगों में इसके नियम को जानने की उत्सुकता बनी रहती है।

अगर सीधे शब्दों में कहा जाय तो मैटर्निटी लीव के जैसे ही पुरुष कर्मचारी भी पैटर्निटी लीव को ले सकते हैं। लेकिन यह उसके नियोक्ता के ऊपर निर्भर करता है। नियोक्ता चाहे तो नियम के अनुसार यह लीव अपने कर्मचारियों को प्रदान कर सकता है बशर्ते पुरुष कर्मचारी उस शर्तों को पूरा करता हो।

वैसे मैटर्निटी लीव को लेकर अलग-अलग कई नियम भी बनाये गये हैं। जो अलग अलग विभागों में लागू किये जाते रहें हैं तो आइये जानते हैं क्या कहते हैं यह नियम


पैटर्निटी लीव लेने के क्या हैं नियम ?

किसी कर्मचारी को पिता बनने पर जिस छुट्टी का प्रावधान है वह लीव इसके अंतर्गत आता है क्यों कि बच्चे के जन्म के दौरान पिता कि भूमिका भी महत्वपूर्ण रहती है। इसीलिए यह छुट्टी डिलीवरी के समय 15 दिन पहले ली जा सकती है और बच्चे के जन्म होने के बाद आने वाले 6 महिनों के दौरान कभी भी आप ले सकते हैं।

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अब जब आपको पैटर्निटी लीव का पता चल ही चुका है तो तो आईए जानते हैं क्यों सोशल मीडिया पर चल रही है इसकी बहस।

वैसे आपने महिला कर्मचारियों को मैटर्निटी लीव पर जाते हुए देखा होगा तो क्या आपने कभी किसी पुरुष कर्मचारी को पैटर्निटी लीव पर जाते हुए देखा है आपका जवाब होगा नहीं।

हाल ही के दिनों में ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल ने पैटर्निटी लीव (Paternity Leave) लिया है जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह के बहस चालू हो गये हैं। फिर क्या कुछ लोग इसको बेकार बता रहे हैं और कुछ लोग इसको सही ठहराने पर लगे हैं।

क्यों जरूरी है पुरुषों के लिए Paternity Leave?

अपने अक्सर यह देखा होगा कि बच्चों के जन्म के बाद से ही वह बच्चा मां को ही ज्यादा पहचानता है क्योंकि बच्चा मां के पास ही और मां के गोद में ही ज्यादे रहता है। इसकी वजह है मां के साथ बच्चे का जुड़ाव। और बच्चा अपने ही पिता को देखकर कभी-कभी अचानक रोने लगता है।

इसलिए अगर आप बच्चों के जन्म के कुछ दिन पहले यह जन्म कुछ दिन बाद बच्चों के साथ भरपूर समय बिताएंगे तभी बच्चा आपको अच्छे से पहचान लगेगी। और आपका साथ आपके जीवनसाथी को फिजिकल और मेंटल दोनों तरह से सपोर्ट भी देगा। और यह तभी संभव है जब आप पैटरनिटी लीव पर रहेंगे।

पैटर्निटी लीव को लेकर भारत में क्या हैं नियम ?

अगर अपने देश की बात करें तो सेंट्रल गवर्नमेंट के तरफ से पूर्व कर्मचारी को 15 दिनों की पैटरनिटी लीव की सुविधा उपलब्ध है लेकिन प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों के लिए या कोई फिक्स रूल अभी तक नहीं बना है।

 वैसे कई बड़ी प्राइवेट कंपनियां इस छुट्टी को अपने कर्मचारियों को देती हैं लेकिन कुछ कंपनियां इस छुट्टी को जरूरी ही नहीं मानती हैं। इसलिए इस छुट्टी को लेकर अपनी कंपनी की HR पॉलिसी को जरूर से पढ़ना चाहिए।

अब तक इन राज्यों में मिलती है Paternity Leave

सरकारी कर्मचारियों की बात करें तो महाराष्ट्र, गुजरात, झारखंड, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, मेघालय, कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, और बिहार जैसे राज्यों में सरकारी कर्मचारियों को यह सुविधा उपलब्ध है।

इसमें मेघालय को छोड़कर बच्चों के जन्म के दिन से 15 दिन पहले और डिलीवरी के बाद आने वाले 6 महीने में कभी भी ले सकेंगे। वहीं अगर मेघालय में देखा जाए तो डिलीवरी से केवल 7 दिन पहले और डिलीवरी के बाद आने वाले महीना में 6 महीने तक कभी भी ले सकेंगे।

अब तक यह बड़े नाम ले चुके हैं पैटर्निटी लीव 

इंडिया क्रिकेट टीम के कप्तान रहे विराट कोहली, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, स्टार टेनिस प्लेयर सेरेना विलियम्स के Husband ओहानियान, फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर, सैफ अली खान और रितेश देशमुख जैसे बड़े नामचिन हस्ती भी अपने बच्चे के डिलीवरी के दौरान पर यह छुट्टी ले चुके हैं।