प्रेरणा पोर्टल पर डाटा होगा फीड यूपी के शिक्षकों को मिला नया काम



बेसिक शिक्षा अधिकारी रितु तोमर ने बताया कि इस अभियान के तहत शिक्षक जिले के हर गली व मोहल्लों में घर-घर जाकर दस्तक देंगे और परिवार के लोगों का पूरा ब्यौरा नाम, पता, बच्चों की संख्या आदि इकठ्ठा करेंगे.


 इसके बाद पूरे डाटा को प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. डाटा फीड होने के बाद विभाग को पता चल सकेगा कि किस इलाके में में कौन से परिवार का बच्चा 6 वर्ष का हो चुका है. इसके बाद पता लगाया जाएगा कि बच्चे को स्कूल भेजा जा रहा है या नहीं.


 परिवार के लोगों द्वारा बच्चे को स्कूल न भेजने पर शिक्षक बच्चे के माता-पिता को पढ़ाई का महत्व बताएंगे और बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल तक लाया जाएगा. इससे साक्षरता दर में न सिर्फ बढ़ोत्तरी होगी, बल्कि कोई भी परिवार का बच्चा शिक्षित होने से वंचित नहीं रह सकेगा.


जिले में साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की अनोखी पहल सामने आई है. यहां शिक्षक घर-घर जाकर दस्तक देंगे और पूरे जिले के परिवारों का डाटा एकत्र करेंगे. इस अभियान के माध्यम से बच्चों को पढ़ाकर साक्षरता दर को बढ़ावा दिया जाना है.


जिले में साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की अनोखी पहल सामने आई है. यहां शिक्षक घर-घर जाकर दस्तक देंगे और पूरे जिले के परिवारों का डाटा एकत्र करेंगे. शिक्षकों द्वारा एकत्र किये गये डाटा को प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा.


इसके बाद शिक्षा विभाग को पता चल जाएगा कि जिले के किस स्थान पर किस परिवार का बच्चा 6 से 14 वर्ष का पूर्ण हो चुका है और उसका दाखिला अभी तक स्कूल में क्यों नहीं कराया गया है.


जिले की बेसिक शिक्षा अधिकारी रितु तोमर ने बताया कि जिले में कई परिवार ऐसे हैं, जिनके बच्चे 6 से 14 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके अभी तक स्कूल नहीं गये हैं. यह परिवार कितने हैं और इन परिवारों में रहने वाले बच्चों की संख्या कितनी है,


 हालांकि इसकी पुख्ता जानकारी विभाग को नहीं है. लेकिन इन सबकी निगरानी करने के लिए विभाग द्वारा एक अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान का उद्देश्य शिक्षा से वंचित रह रहे बच्चों को उनके घर से स्कूल तक लाने का होगा. इस अभियान के माध्यम से बच्चों को पढ़ाकर साक्षरता दर को बढ़ावा दिया जाना है.