शिक्षिका ने खुद के साथ यौन प्रलोभन दे कराया 10वीं के छात्र का धर्मपरिवर्तन ? दर्ज होगी एफआईआर



कानपुर के कैंट स्कूल में एक शिक्षिका का 10वीं के छात्र को यौन प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के मामले में कोर्ट ने कैंट पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वहीं, कैंट पुलिस के मुताबिक कोर्ट के आदेश मिलते ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। इधर, पिता और कैंट इंस्पेक्टर की नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि आपका अपना अखबार ‘हिन्दुस्तान’ इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।


शुक्लागंज निवासी छात्र के पिता के मुताबिक, लगातार शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जांच के नाम पर टरकाते रहे। एक माह से बेटे का मोबाइल भी नहीं लौटाया है। पुलिस के मामला लटकाने के कारण वह कोर्ट की शरण में गए। उन्होंने अपर सिविल जज जूनियर डिविजन के यहां धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें बताया कि उसे इस घटना के बारे में 30 सितम्बर, 2023 को बेटे का मोबाइल चैट देखा तब जानकारी हुई। पिता का आरोप है कि स्कूल टीचर ने बेटे को यौन प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।


थाने में पिता और थानेदार में नोकझोंक कोर्ट का आदेश सात नवम्बर को हो गया था। पिता के मुताबिक, इसके बाद वह कैंट थाने में कार्रवाई को पहुंचे। पिता का आरोप है कि थानेदार ने उनसे अभद्रता की। इसका एक वीडियो पिता ने फेसबुक पर अपलोड किया। वीडियो में थानेदार लगातर यही कह रहे हैं उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई होगी। आप सरकारी कार्य में बाधा डाल रहे हैं। छात्र के मां-पिता भी वीडियो में थानेदार पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं। छात्र के पिता ने एक्स पर भी वीडियो अपलोड किया। इसपर कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सफाई दी है।


बच्चे में हित-अहित समझने की क्षमता नहीं


कोर्ट ने आदेश में कहा कि जिसके साथ घटना हुई वह 16 साल का बच्चा है, जिसमें अपना हित या अहित समझने की क्षमता नहीं है। जो मोबाइल के सबूत दाखिल हैं उससे आरोपों को बल मिलता है। प्रकरण नाबालिग छात्र व धार्मिक भावनाओं से संबंधित है। कैंट इंस्पेक्टर को आदेश दिया जाता है कि एफआईआर दर्ज करें।


क्‍या बोली पुलिस

इंस्‍पेक्‍टर अजय सिंह ने कहा कि कोर्ट का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। प्रति प्राप्त होते ही निर्देशानुसार रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी