निदेशक के पत्र से 46 हजार शिक्षकों का 'पारा' चढा



झाँसी। प्रदेश के लगभग 70 हजार शिक्षक कर्मचारियों को केंद्र सरकार के मेमोरेंडम की भांति पुरानी पेंशन बहाली की उम्मीद जागी है। जिसमें विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच के चयनित लगभग 46 हजार शिक्षकों को इससे बाहर रखने से उनके आक्रोश में 'उबाल' आ गया।


संयुक्त शिक्षा निदेशक (बेसिक) गणेश कुमार ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर बेसिक शिक्षा विभाग में 1 अप्रैल 2005 या उसके पश्चात नियुक्त ऐसे कर्मियों का विवरण मांगा है। जिनकी मौलिक नियुक्ति का विज्ञापन 1 अप्रैल 2005 से पूर्व प्रकाशित हो चुका था। पत्र में इस सूचना में विशिष्ट बीटीसी 2004 में नियुक्त अभ्याथियों को सम्मिलित न करने को आदेशित किया गया है। इससे प्रदेश में चयनित लगभग 46 हजार शिक्षकों का 'पारा' चढ़ गया। सोशल मीडिया पर इन्होंने अपना गुस्सा जमकर निकला, तो वहीं विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशध्यक्ष संतोष तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने देर शाम ही निदेशक बेसिक शिक्षा, महेंद्र देव एवं संयुक्त शिक्षा निदेशक गणेश कुमार से मुलाकात की


संगठन का कहना


विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशध्यक्ष संतोष तिवारी का कहना है कि विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच का विज्ञापन 22 जनवरी 2004 को समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया था । इसी विज्ञापन के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति दिसंबर 2005 में दी गई 3 मार्च 2023 के भारत सरकार के मेमोरेंडम को प्रदेश में लागू होते ही यह शिक्षक भी पुरानी पेंशन के हकदार होंगे। मेमोरेंडम को लागू करने के लिए संगठन ने शासन को नोटिस दे दिया है । 3 दिसंबर से शिक्षक लखनऊ में धरना प्रदर्शन कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे एसोसिएशन के विधि सलाहकार आमोद श्रीवास्तव का कहना है कि शिक्षा निदेशक बेसिक के द्वारा जारी पत्र से उत्तर प्रदेश में एनपीएस लागू होने के पूर्व अधिसूचित कर्मियों के बीच हर्ष का माहौल है। पर इसी पत्र में नीचे लिखे नोट से सम्बन्धि शिक्षकों में संशय और उहापोह की स्थिति बन गई है। इस पर जिम्मेदार अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए। ताकि किसी के साथ अन्याय न हो सके। अन्यथा उच्च न्यायालय, प्रयागराज में इस पत्र को चुनौती दी जाएगी।