इन जिलों के 482 स्कूल नहीं खोज पाए कक्षा एक में एडमिशन के लिए छात्र, एक्शन में शिक्षा विभाग प्रधानाध्यापकों का वेतन भी रोका




उत्तर प्रदेश में प्रवेश को लेकर लगातार अभियान चलने के बाद भी प्रदेश के 482 स्कूलों में कक्षा एक में एक भी नया एडमिशन नहीं हुआ। स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने ऐसे स्कूलों की सूची जारी करते हुए तत्काल प्रवेश सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।


ऐसे सबसे अधिक 40 स्कूल बरेली के हैं। 35 स्कूलों के साथ आजमगढ़ दूसरे नंबर पर है। बेसिक स्कूलों में छात्रों के प्रवेश के लिए लगातार अभियान चलाए जाते हैं। अप्रैल में सत्र शुरू होते समय धुआंधार तरीके से स्कूल चलो अभियान चलाया गया।


गर्मी की छुट्टियों के बाद भी फिर से अभियान चलाया गया। अगस्त की समीक्षा में जब प्रदेश के 3373 बेसिक स्कूलों में एक भी नया प्रवेश नहीं मिला तो फिर से स्कूलों को निर्देश जारी किए गए। निर्देश का असर भी हुआ। बड़ी संख्या में स्कूलों में प्रवेश हुए। उसके बाद भी 482 स्कूल ऐसे रह गए, जहां कक्षा एक में एक भी प्रवेश नहीं हुआ। ऐसे जिलों में बरेली सबसे आगे रहा। यहां के 40 स्कूलों में एक भी प्रवेश नहीं हुआ। आजमगढ़ के 35, आगरा व मथुरा के 26-26, गाजीपुर के 23, जालौन के 22, कानपुर देहात के 20 स्कूलों में भी कक्षा एक कोई प्रवेश नहीं हुआ। अमरोहा के 17, इटावा के 15, लखनऊ व शाहजहांपुर के 14-14 स्कूल शून्य प्रवेश वाले हैं। शिक्षा महानिदेशक के कड़े रुख के बाद अब इन जिलों में प्रवेश कराए जा रहे हैं। बरेली सहित कई जिलों में प्रधानाध्यापकों का वेतन भी रोका गया है।


जिला स्कूल जिनका रुका वेतन 


बरेली 40


शाहजहांपुर 14


बदायूं 02


पीलीभीत 09


खीरी 07


नोटिस के बाद शुरू हुए हैं प्रवेश

बीएसए संजय सिंह ने बताया कि बरेली के 40 स्कूलों में प्रवेश नहीं हुए थे। ऐसे प्रधानाध्यापकों का वेतन रोककर नोटिस जारी किए गए। अब कई स्कूलों ने प्रवेश लिए हैं। बाकी स्कूल प्रयास कर रहे हैं। कुछ स्कूलों में प्रवेश तो हुए थे मगर उन्होंने प्रवेश का डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया था। इस कारण वह भी शून्य प्रवेश वाले स्कूलों में नजर आ रहे हैं। उनको भी निर्देशित किया गया है।