ग्रामीणों को शामिल कर सोशल ऑडिट से परखेंगे मिड-डे मील की गुणवत्ता

 


औरैया, सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्र-छात्राओं को मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता को और बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब गांवों में डुगडुगी बजाकर सोशल ऑडिट कराई जाएगी। ग्रामीणों को बुलाकर योजना का फीड बैंक लिया जाएगा।


जिले में 1265 परिषदीय और 54 सहायता प्राप्त विद्यालय हैं। सरकारी और सहायता प्राप्त कक्षा एक से आठ के स्कूली बच्चों के लिए दोपहर में मिड-डे मील के तहत भोजन दिया जाता है। मिड-डे मील की गुणवत्ता को और बेहतर करने के मकसद से शासन ने सोशल ऑडिट कराने की योजना बनाई गई है। ऑडिट टीम में गांव के लोगों को शामिल कर भोजन का फीड बैंक लिया जाएगा। 


सोशल ऑडिट के तहत जिन जागरूक ग्रामीणों को जोड़ा जाएगा, वे विभिन्न बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट मिड-डे मील प्राधिकरण और बेसिक शिक्षा विभाग को देंगे। जैसे, रसोइया नियमित आ रहा है या नहीं। रसोई के ऊपर शेड है या नहीं, बर्तन सही है या नहीं।