बीएचयू में बवाल के बाद लिए गए ये फैसले, पढ़ें- क्या बोले बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर और निदेशक?


आईआईटी बीएचयू में छात्रा के साथ घटना के बाद बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. शिवप्रकाश सिंह ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्यों की एक आपात बैठक बुलाई और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में परिसर में अब इंट्रीग्रेटेड कमांड सेंटर बनेगा। इससे परिसर के हर हिस्से की निगरानी की जाएगी। इस सेंटर से आईआईटी बीएचयू कैंपस को भी जोड़ा जाएगा। यह फैसला गुरुवार को लिया गया।


क्या हुआ था…

एफआईआर के मुताबिक आईआईटी बीएचयू में बीटेक मैथमेटिकल इंजीनियरिंग की छात्रा बुधवार की रात डेढ़ बजे टहलने निकली थी। थोड़ी दूर पर उसे अपना दोस्त मिल गया। टहलते हुए दोनों कर्मन बाबा मंदिर से 300-400 मीटर आगे पहुंचे थे। इसी बीच बाइक (बुलेट) पर सवार तीन युवक आ गए। युवकों ने बाइक खड़ी की और दोनों (छात्रा व उसके दोस्त) को अलग-अलग कर दिया। फिर छात्रा को खींचकर किनारे झाड़ियों के पास ले गए। शोर मचाने की कोशिश की तो मुंह दबा दिया।


 इसके बाद किस किया और तीनों ने मिलकर उसे निर्वस्त्र कर दिया। वीडियो बनाया और अभद्रता की। छात्रा चिल्लाई तो जान से मारने की धमकी दी। मोबाइल से फोन मिलाने का प्रयास किया तो उसे भी छीन लिया। छात्रा हॉस्टल की तरफ जाने लगी तो बाइक सवार युवकों ने पीछा किया। घबराई छात्रा परिसर के एक प्रोफेसर निवास में घुस गई। 20 मिनट तक प्रोफेसर निवास परिसर के एक पेड़ के पास छिपी रही। प्रोफेसर बाहर आए और फिर उन्होंने उसे सुरक्षा कर्मी के साथ हॉस्टल की तरफ भेजा। इसी बीच पार्लियामेंट सिक्योरिटी कमेटी के सदस्यों को बुलाया गया।


आईआईटी बीएचयू में छात्रा के साथ घटना के बाद बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. शिवप्रकाश सिंह ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्यों की एक आपात बैठक बुलाई और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई। विश्वविद्यालय परिसर में भी आए दिन मारपीट, छेड़खानी, धरना प्रदर्शन की घटनाएं होती रहती हैं। इस तरह की गतिविधियों को देखते हुए ही सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन शुरू हुआ। सीसी कैमरा लगवाने और पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्णय लिया गया। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि परिसर में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती वाली जगह पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। विशेषकर छात्राओं के हॉस्टल और संवेदनशील जगहों पर रात के समय में पेट्रोलिंग में ज्यादा सतर्कता बरती जाएगी। सिगरा के कमांड सेंटर की तर्ज पर परिसर में सेंटर स्थापित करने के उद्देश्य से नए सिरे से योजना बनाई जाएगी।


घटना से नाराज आईआईटी बीएचयू के तकरीबन 1000 छात्र बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे धरने पर बैठ गए। 11 घंटे तक धरना चलता रहा। देर शाम जब आईआईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर पीके जैन बातचीत करने कैंपस पहुंचे तो छात्रों ने उन्हें और कुछ टीचर्स को बंधक बना लिया।

दिनभर छात्रों ने पढ़ाई और शोध का काम नहीं होने दिया। साथ ही परिसर को असुरक्षित बताते हुए कुछ दिनों के लिए आईआईटी बंद करने और बाहरी लोगों का प्रवेश बंद करने की मांग भी की। उनकी मांग थी कि कैंपस में आने-जाने के सभी रास्तों को बंद कर दिया जाए और सुरक्षा बढ़ाई जाए। देर शाम आईआईटी प्रशासन ने उनकी मांगें मान लीं, जिसके बाद 9 बजे धरना खत्म हुआ। प्रशासन ने कैंपस में सीसीटीवी लगाने, बाउंड्रीवॉल बनाने और बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित करने का भी वादा किया है।


दूसरी तरफ छात्रा की एफआईआर पर लंका थाने की पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आईआईटी प्रशासन की सूचना पर एसीपी भेलूपुर प्रवीण सिंह ने परिसर में जाकर छात्रों से बात की, लेकिन छात्र डायरेक्टर से बात करने की मांग पर अड़े रहे। बवाल बढ़ा तो कमिश्नरेट पुलिस ने लंका थाने के प्रभारी निरीक्षक अश्विनी पांडेय को लाइनहाजिर कर दिया।


मांग के बाद फैसले


आईआईटी और बीएचयू के बीच बाउंड्रीवॉल बनेगी।

कैम्पस की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। सीसीटीवी लगाएंगे।

रोज रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक सभी सुरक्षा बैरियर बंद रखेंगे।

क्या बोले आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो पीके जैन


बुधवार देर रात दोस्त के साथ टहलने निकली बीटेक की छात्रा के साथ खौफनाक और शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया गया। सुरक्षा से संबंधित जो भी मांगें हैं, उन्हें मान लिया गया है। रोजाना रात दस बजे से तड़के पांच बजे तक कैंपस के बैरियर बंद रहेंगे। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई है। पुलिस मुकदमा दर्ज करके जांच कर रही है। - प्रो पीके जैन, निदेशक आईआईटी बीएचयू

निजी सुरक्षा एजेंसी को भी सतर्कता बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। छात्रों का आरोप- बंदूक दिखाकर निर्वस्त्र किए, लेकिन तहरीर में जिक्र नहीं