चार सदस्यीय कमेटी की जांच के बाद ही निजी स्कूलों पर हो कार्रवाई

 



लखनऊ : स्कूलों में सुरक्षित परिवेश के लिए तैयार की जा रही मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को लेकर गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कार्यालय के सभागार में हुई। एसओपी बनाने के लिए पिछले दिनों गठित की गई दस सदस्यीय कमेटी में शामिल निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने माडल ड्राफ्ट तैयार करने पर बैठक में चर्चा की।


निजी स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग को मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें कहा गया कि स्कूल में किसी भी तरह की घटना होने पर चार सदस्यीय कमेटी की प्रारंभिक जांच के बाद ही एफआइआर दर्ज कराई जाए। सीधे प्रधानाचार्य, शिक्षक, कर्मचारी व प्रबंधतंत्र के खिलाफ मुकदमा न दर्ज किया जाए। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि निजी स्कूलों की ओर से सौंपे गए ड्राफ्ट में इस चार सदस्यीय कमेटी में जिलाधिकारी का प्रतिनिधि, एक अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक या बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ एक निजी स्कूल का प्रतिनिधि भी शामिल हो। यदि इस कमेटी की जांच में स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाए तो तत्काल कार्रवाई हो । यदि स्कूल पर आरोप सही न पाए जाएं तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई हो । स्कूलों में मोबाइल के प्रयोग प्रतिबंध रहे। विद्यार्थी स्कूल में मोबाइल लेकर न आएं व पढ़ाई के दौरान शिक्षकों का मोबाइल भी जमा रहे।