खुशखबरी : कर्मचारियों और पेशनरों को योगी सरकार का दिवाली गिफ्ट, DA व बोनस का ऐलान

 



यूपी की योगी सरकार ने सोमवार को सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा दिया। सरकारी कर्मचारियों और पेशनरों को महंगाई भत्ता (डीए) और बोनस का ऐलान किया है। इसके अनुसार मूल वेतन का 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का ऐलान किया गया है। सीएम योगी ने इस बारे में एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के उत्कर्ष में अपना योगदान कर रहे सभी राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी निकायों, UGC कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों तथा पेंशनरों को मूल वेतन के 46% की दर से महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार, सभी राज्य कर्मचारियों (अराजपत्रित)/कार्य प्रभारित कर्मचारियों, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और दैनिक वेतन भोगी कार्मिकों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर (उच्चतम सीमा ₹7,000) बोनस प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।


पिछले दिनों वित्त विभाग ने बोनस की फाइल तैयार कर अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री के पास भेज दी थी। इसके साथ ही महंगाई भत्ता, महंगाई राहत वृद्धि की फाइल भी मुख्यमंत्री के पास भेजी गई थी। उसी समय से इस बात की उम्मीद थी कि धनतेरस और दीपावली से पहले अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों को प्रदेश सरकार बोनस देगी। नवंबर का वेतन जो दिसंबर में मिलेगा, के साथ महंगाई भत्ते का नकद भुगतान राज्यकर्मियों को मिलने लगेगा। चार फीसदी की बढ़ी दर से महंगाई भत्ता देने की घोषणा होने पर राज्य कर्मचारियों को डीए 42 फीसदी से बढ़कर 46 फीसदी हो जाएगा। बढ़ी दर से महंगाई भत्ते का लाभ कर्मचारियों को जुलाई से मिलेगा। बताया जाता है कि धनतेरस से पहले दी बोनस की धनराशि अराजपत्रित राज्यकर्मचारियों के खाते में दे दी जाएगी। जिससे वह त्यौहार अच्छे से मना सकें। 


बोनस की गणना 18 हजार मूलवेतन मानते हुए करने का अनुरोध

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने दीपावली से पहले बोनस दिए जाने की तैयारी के तहत पत्रावली मुख्यमंत्री के पास भेजे जाने पर खुशी का इजहार किया है। उन्होंने कहा है कि परिषद ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से बोनस दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री बोनस दिए जाने का वादा पूरा करने जा रहे हैं।


जेएन तिवारी ने बोनस की गणना न्यूनतम वेतन 18 हजार के बराबर करते हुए किए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि अब तक बोनस की अधिकतम सीमा 7000 रुपये बेसिक पे मानते हुए गणना की जाती है। यह धनराशि बहुत कम है। बोनस का 75 फीसदी धनराशि कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा किए जाने की व्यवस्था को समाप्त करते हुए इसे अधिकतम 50 फीसदी किए जाने की मांग की है।