एडी बेसिक की पड़ताल में तीन अलग अलग उपस्थिति पंजिका



 एडी बेसिक की पड़ताल में उजागर हुआ परिषदीय अध्यापकों का खेल तीन अलग अलग उपस्थिति पंजिका देखें भड़कीं मैडम


 कोरांव। परिषदीय विद्यालयों की पड़ताल करने पहुंची एडी बेसिक तनुजा त्रिपाठी उस समय हैरान रह गईं, जब उन्हें संविलियन विद्यालय बहरैचा में तीन अलग-अलग उपस्थिति पंजिकाएं देखने को मिलीं। इतना ही नहीं उन्हें जिम्मेदारों द्वारा विद्यालय के कंपोजिट ग्रांट का दुरुपयोग करने का मामला भी निरीक्षण के दौरान मिला। विद्यालय की रंगाई पुताई में कमी, बच्चों के मध्यान भोजन में कमी और फल दूध न मिलने की शिकायत पर भी वे काफी गंभीर रही। एडी बेसिक स्कूल के तीनों रजिस्टर अपने साथ लेती गई, जबकि उनके साथ रहे डीसी एमडीएम सुमित पांडे ने भी संबंधित अध्यापक को काफी फटकार लगाई।


 इसी तरह छात्र संख्या कम होने के साथ कायाकल्प के कार्यों में लगभग हर जगह कमी पाई गई सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक तनुजा त्रिपाठी तथा डीसी एमडीएम सुमित पांडे गुरुवार को एक साथ कोरांव ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों की हकीकत खंगालने निकले। दोनों अधिकारी सबसे पहले संविलियन विद्यालय बहरैचा पहुंचे । जहां पर कंपोजिट ग्रांट का दुरुपयोग मिला। प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेंद्र सिंह द्वारा कंपोजिट ग्रांट से होने वाली रंगाई पुताई नही कराई गयी थी और पैसा खर्च कर लिया गया था। सबसे अधिक कमी मीनू के हिसाब से मध्यान भोजन में मिली। दोनों अधिकारियों को बच्चों ने बताया कि उन्हें फल दूध नहीं मिलता। छात्र संख्या भी काफी कम मिली। खाना गैस के स्थान पर लकड़ी से बनता पाया गया। इतना ही नहीं जब अधिकारियों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक से उपस्थिति रजिस्टर मांगा तो मौके पर तीन पाई गई ।


अलग-अलग उपस्थिति रजिस्टर मिले। जिसे देखकर दोनों अधिकारी हैरान रह गए। तीनों रजिस्टर सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी तनुजा त्रिपाठी अपने साथ लेती गई। इसके बाद दोनों अधिकारी संविलियन विद्यालय लेडियारी पहुंचे जहां सब कुछ ठीक-ठाक मिला। इसी तरह संविलियम विद्यालय डील प्राथमिक विद्यालय जयकरन का पूरा और प्राथमिक विद्यालय टीकर पहुंचे । इन विद्यालयों में भी जो कमियां मिली उसे दूर करने की हिदायत देते हुए अधिकारी आगे निकल गए। इस संबंध में डीसी एमडीएम सुमित पांडे ने बताया कि जिन स्कूलों में छात्र संख्या की कमी और कायाकल्प के कार्यों में लापरवाही मिली है उन्हे स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी