कोर्ट ने आरोपित बीईओ को जेल भेजा


बीईओ के उत्पीड़न से दुखी होकर शिक्षक ने दे दी थी जान, पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में किया पेश


96 माह का वेतन न मिलने और विभागीय अफसरों के उत्पीड़न से दुखी होकर शिक्षक के खुदकुशी करने के मुकदमे में आरोपित खंड शिक्षा अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपित को 14 दिन के रिमांड पर जेल भेज दिया है।


कायमगंज के मुहल्ला काजम खां निवासी अनिल कुमार त्रिपाठी की वर्ष 1999 में मृतक आश्रित में शिक्षक पद पर नौकरी लगी थी। इंटर मीडिएट का फर्जी अंकपत्र होने की शिकायत पर जांच के बाद जनवरी 2016 में तत्कालीन बीएसए ने


शिक्षक अनिल कुमार त्रिपाठी को बर्खास्त कर दिया था। शिक्षक ने उच्च न्यायालय में बर्खास्तगी आदेश के खिलाफ रिट दायर की। उच्च न्यायालय ने बर्खास्त आदेश पर रोक लगा दी थी। जिस पर उस समय रहे बीएसए ने सवेतन बहाल कर शिक्षक को विद्यालय में कार्यभार ग्रहण कराने का आदेश खंड शिक्षा अधिकारी को दिया था। शिक्षक उच्च प्राथमिक विद्यालय झब्बूपुर में जाने लगा। विभागीय अफसरों ने उसके कार्यभार ग्रहण व वेतन दिए जाने की कार्रवाई पूरी नहीं की। इससे शिक्षक परेशान


रहने लगा। 25 सितंबर 2023 में शिक्षक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर 96 माह का वेतन दिलाने की मांग की, लेकिन उसकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। 27 सितंबर को बीआरसी कायमगंज में शिक्षक ने खंड शिक्षा अधिकारी गिरिराज सिंह को प्रार्थना पत्र दिया। खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को अपमानित कर कार्यालय जागरण से भगा दिया था। शिक्षक ने सुसाइड नोट लिखकर उसी दिन शाम को घर में जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे उपचार के दौरान रात में शिक्षक की


मौत हो गई। शिक्षक के पुत्र आशीष त्रिपाठी ने खंड शिक्षा अधिकारी गिरिराज सिंह, फतेहगढ़ बीएसए कार्यालय के लिपिक सुरेंद्र नाथ अवस्थी और उच्च प्राथमिक विद्यालय झब्बूपुर के प्रधानाध्यापक निर्देश गंगवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक प्रमोद यादव ने जांच में साक्ष्य मिलने पर शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी गिरिराज सिंह को बस स्टेशन कायमगंज के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपित बीईओ फतेहगढ़ लेकर आई और सीजेएम कोर्ट में पेश किया। सीजेएम ने खंड शिक्षा अधिकारी को जेल भेज दिया है। अभी दो आरोपितों की गिरफ्तारी होना शेष रह गई है।